श्री ओसवाल जैन कुल भूषण – दानवीर भामाशाह की जन्म जयंती मनाइए

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Dated: June 2024

दानवीर भामाशाह केवल मेवाड़ रक्षक और ओसवाल जैन धर्मध्वजक ही नहीं, बल्कि एक महान देशभक्त और त्यागी व्यक्ति भी थे।
उन्होंने राणा प्रताप को मेवाड़ की रक्षा हेतु इतना निजी एवं पैतृक धन समर्पित किया, जिससे 25,000 सैनिकों और व्यक्तियों का 12 वर्षों तक निर्वाह संभव हो सका।

भामाशाह ने अकबर के विलास और प्रलोभनों को ठुकराकर राष्ट्रभक्ति और वफादारी का जो परिचय दिया, वह भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा।

उनका जन्म:

  • आषाढ़ शुक्ल दशमी, विक्रम संवत 1604
  • 28 जून, 1547 ई.
  • चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) में हुआ।

हमारा कर्तव्य: जन्म जयंती का आयोजन

भारत के हर नगर, ग्राम और समाज में यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम भामाशाह जी की जन्म जयंती मनाएँ—

  • आषाढ़ शुक्ल दशमी (मंगलवार, 16 जून 2024) या
  • तारीख अनुसार (रविवार, 28 जून 2024)

इसमें से किसी एक दिन को निश्चित करना आवश्यक है ताकि समाजभर में एकरूपता और समन्वय बना रहे।


जन्म जयंती क्यों मनाएँ?

  • इससे ओसवाल जैन समाज का गौरव बढ़ेगा।
  • भामाशाह जैसे महान व्यक्तित्व के कार्यों की अनुमोदना का अवसर मिलेगा।
  • युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण की प्रेरणा प्राप्त होगी।

समापन आह्वान

भामाशाह जैसे व्यक्तित्व इतिहास में विरले होते हैं।
उनकी जयंती केवल उत्सव नहीं, एक मूल्य-संस्कार जागरण का अवसर है।

आइए, समाजगत एकता के साथ श्री ओसवाल जैन कुल भूषण दानवीर भामाशाह की जन्म जयंती को श्रद्धा, प्रेरणा और गौरव के साथ मनाएँ।

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