6 से 8 मार्च 2026 तक होगा चादर महोत्सव
जसैलमेर के ज्ञान भंडार में 136 वर्ष ;सवंत् 1945 से संरक्षित जिन शासन की अद्भुत धरोहर दादा श्री जिनदत्तसूरिश्वर जी की 870 वर्ष से भी अधिक प्राचीन चादर, जो उनके अग्नि संस्कार के समय भी नहीं जली और देवशक्ति से अजमेर से उड़कर पाटन पहुंच गई थी, जिस चादर को धारण कर दादा गुरुदेव अनवरत जप तप साधना किया करते थे एवं 5 पीर 52 वीर 64 जोगनी को वश में किया था, बिजली को स्तंभित किया था, अंधे को आंखें दी थीं, और जो चादर महामारी से बचाव हेतु 136 वर्ष पूर्व, राजाज्ञा से पाटन से जैसलमेर लाई गई, जिस चादर से स्पर्शित जल के छिड़काव से जैसलमेर नगर में फैली महामारी दूर हुई।
उसी महा पवित्र महाप्रभाविक चादर का चादर त्रिदिवसीय महोत्सव 6-7-8 मार्च 2026 को जैसलमेर में, जप तप अनुष्ठान द्वारा मनाया जाएगा।
चादर महोत्सव परम पूज्य गुरुदवे खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्रीमद् जिनमणिप्रभ सूरिश्वर जी म.सा के मार्गदर्शन एवं मुख्य आचार्यत्व में एवं आचार्य श्री मनोज्ञसूरिश्वर जी म.सा. को प्राप्त दवै ीय संकेतों के अनुरूप प्रेरणा से अनेक आचार्य, उपाध्याय,साधु साध्वी भगवंत की पावन निश्रा में श्री जैन ट्रस्ट जैसलमेर और अखिल भारतीय खरतरगच्छ प्रतिनिधि महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।




